"अतरौलिया सीट पर सियासी संग्राम, राजभर के ऐलान से निषाद नाराज"

"अतरौलिया सीट पर सियासी संग्राम, राजभर के ऐलान से निषाद नाराज"

Political Battle for the Atrauliya Seat

Political Battle for the Atrauliya Seat

आजमगढ़Political Battle for the Atrauliya Seat, अतरौलिया विधानसभा सीट से सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में पंचायती राजमंत्री ओमप्रकाश राजभर के चुनाव लड़ने का ऐलान करने और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद का बयान आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

ओपी राजभर ने अपनी पारंपरिक जहूराबाद सीट के बजाय निषाद पार्टी की सीट अतरौलिया से इलेक्शन लड़ने का ऐलान कर दिया है। इस बात को लेकर निषाद पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद ने नाराजगी जताई है। संजय निषाद ने आरोप लगाया है क‍ि ओम प्रकाश राजभर ने बिना किसी चर्चा के ऐलान क‍िया है तो वही इस बारे में जानें। हम मर्यादा में रहने वाले हैं, उन्होंने मर्यादा का मान नहीं रखा, उनको बातचीत करना चाहिए था। व‍िरोध जताते हुए कहा क‍ि अगर हम उनकी सीट पर ऐसे ही ऐलान करने लगे तो क्‍या उनको ठीक लगेगा? 

अतरौलिया सीट पर वर्तमान में सपा विधायक संग्राम यादव 2012 से लगातार जीत रहे हैं और इसी सीट से इनके पिता बलराम यादव भी चार बार से विधायक रह चुके हैं और सपा सरकार में मंत्री पद पर भी रहे है। अगर आकड़ों को देखा जाए तो अतरौलिया सीट से अभी तक एक बार कांग्रेस और दो बार बसपा के प्रत्याशी ही चुनाव जीते हैं।

2017 में हुए विधानसभा चुनाव में मोदी लहर के बाद भी समाजवादी पार्टी के संग्राम यादव ने बाजी मारी थी। जातिगत वोटरों की बात करें तो दलित और सवर्ण वोटर जीत की भूमिका निभाने में इस सीट पर काफी अहम भूमिका निभाते रहे हैं। यहां पर यादव 60 से 70 हजार एवं मुस्लिम 40 से 50 हजार के बीच हैं।

राजभर और निषाद करीब 60 से 70 हजार के बीच हैं। इसके अलावा दलित (जाटव, पासी) करीब 40 हजार से 50 हजार के बीच में हैं। ब्राह्मण 20 से 30 हजार, क्षत्रिय भी 20 से 25 हजार, वैश्य/बनिया भी करीब 25 हजार एवं अन्य छोटी जातियाें के करीब 20 से 30 हजार के बीच मतदाता हैं। अब ऐसे में सवर्ण और दलित वोट जिस तरफ जाता है, जीत लगभग उसी पार्टी के प्रत्याशी की होती है।

अतरौलिया सीट से अब तक विजयी प्रत्याशी

1. 1980 में कांग्रेस के शंभूनाथ सिंह जीते

2. बलराम यादव बीकेडी भारतीय क्रांति दल से लड़े हार गये।

3. लोकदल के टिकट पर बलराम यादव 1984 में पहली बार जीते

4. 1989 में जनता दल के टिकट पर दूसरी बार जीते

5. 1991 और 93 में सपा के टिकट पर जीते

6. 1996 में बसपा के विभूति निषाद जीते

7. 2001 में सपा से बलराम यादव जीते

8. 2007 में बसपा से सुरेंद्र मिश्रा जीते

9. 2012 में बलराम यादव ने यह सीट अपने बेटे संग्राम यादव को दी। इसके बाद से तीन बार से लगातार 2012 से अब तक संग्राम यादव जीतते रहे हैं। यादव और मुस्लिम फैक्टर के साथ ही विकास कार्यों की बदौलत संग्राम यादव जीतते रहे हैं। 2027 में राजभर और निषाद करीब 70 हजार और यादव और मुस्लिम मिलाकर करीब एक लाख से अधिक वोटर हैं। इसके अलावां बनिया, ब्राह्मण और क्षत्रिय मिलाकर करीब 60 हजार वोटर हैं। दलित और सवर्ण निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका

-------------
विधानसभा अतरौलिया कुल मतदाता 3,23579

पुरुष मतदाता : 176670

महिला मतदाता : 146899

अन्य मतदाता : 10